पिछले कुछ महीनों से लगातार चुनाव आयोग की तैयारियां चल रही है, सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं,लगभग सभी राजनेता रणनीति बनाने में जुटे हैं, उम्मीदवार मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं मतदाता चारों तरफ की बातों को सुन रहे हैं।
इन सबके बीच सतरहवीं लोकसभा के लिए आज देश के 20 राज्यों की 91 सीटों के लिए मतदान किया जा रहा है।सभी के लिए पुख्ता बंदोबस्त और सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच 23 मई तक चुनावी नतीजे आने से पहले करीब पांच हफ्ते से ज्यादा समय तक चुनावों के दौरान यह व्यस्तता बनी रहेगी। लेकिन, पहले चरण का चुनाव खास अहमियत रखता है, उसकी वजह है कि यह चरण आगे की गति को तय करेगा। सभी पार्टीयो की नजर इस पहले चरण पर बनी रहेगी |
इस चरण में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सभी सीटों के साथ ही नॉर्थ ईस्ट के सीट और उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदान किए जा रहे हैं। इस चरण में कई बड़े चेहरे की किस्मत का आज फैसला हो जाएगा। बीजेपी के नितिन गडकरी, वीके सिंह, महेश शर्मा, किरेण रिजिजू के साथ ही विपक्षी नेताओं में राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह, जयंत चौधरी, पूर्व सीएण हरीश रावत टीआरएस के के. कविता की किस्मत का आज फैसला हो जाएगा। सभी को लगभग पता चल जायेगा की कोण कितने पानी में है |
लेकिन, इन सबके बीच ये बात समझने की जरूरत है कि पहले चरण के दौरान वो कौन से मुद्दे चुनाव प्रचार के दौरान हावी रहे। बीजेपी का चुनाव प्रचार नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में मजबूत नेतृत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा और ग्रामीण कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस रहा। जबकि, कांग्रेस ने मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था को मोर्चे पर घेरने की कोशिश की। जिनमें बेरोजगारी, किसानों की आय और गरीबों को हर महीने छह हजार रूपये देने की योजना है। दोनों पार्टी पुरे जोर शोर से प्रचार कर रही है बाद में पता चलेगा की कोण सी पार्टी किस पर हावी रहती है |
ऐसे में जब पहले चरण के लिए मतदान किए जा रहे हैं, इससे यह तय होगा कि कौन सी पार्टियों के संदेश जनता के दिलों को किन क्षेत्रों में छू पाई हैं और कौन सा सामाजिक गठबंधन बनकर उभरा है।
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पांच हफ्ते तक बनी रहेगी चुनावी व्यस्तताएं
इन सबके बीच सतरहवीं लोकसभा के लिए आज देश के 20 राज्यों की 91 सीटों के लिए मतदान किया जा रहा है।सभी के लिए पुख्ता बंदोबस्त और सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच 23 मई तक चुनावी नतीजे आने से पहले करीब पांच हफ्ते से ज्यादा समय तक चुनावों के दौरान यह व्यस्तता बनी रहेगी। लेकिन, पहले चरण का चुनाव खास अहमियत रखता है, उसकी वजह है कि यह चरण आगे की गति को तय करेगा। सभी पार्टीयो की नजर इस पहले चरण पर बनी रहेगी |
कई बड़े चेहरे कि किस्मत दांव पर
इस चरण में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सभी सीटों के साथ ही नॉर्थ ईस्ट के सीट और उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदान किए जा रहे हैं। इस चरण में कई बड़े चेहरे की किस्मत का आज फैसला हो जाएगा। बीजेपी के नितिन गडकरी, वीके सिंह, महेश शर्मा, किरेण रिजिजू के साथ ही विपक्षी नेताओं में राष्ट्रीय लोकदल के अजीत सिंह, जयंत चौधरी, पूर्व सीएण हरीश रावत टीआरएस के के. कविता की किस्मत का आज फैसला हो जाएगा। सभी को लगभग पता चल जायेगा की कोण कितने पानी में है |
लेकिन, इन सबके बीच ये बात समझने की जरूरत है कि पहले चरण के दौरान वो कौन से मुद्दे चुनाव प्रचार के दौरान हावी रहे। बीजेपी का चुनाव प्रचार नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में मजबूत नेतृत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा और ग्रामीण कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस रहा। जबकि, कांग्रेस ने मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था को मोर्चे पर घेरने की कोशिश की। जिनमें बेरोजगारी, किसानों की आय और गरीबों को हर महीने छह हजार रूपये देने की योजना है। दोनों पार्टी पुरे जोर शोर से प्रचार कर रही है बाद में पता चलेगा की कोण सी पार्टी किस पर हावी रहती है |
ऐसे में जब पहले चरण के लिए मतदान किए जा रहे हैं, इससे यह तय होगा कि कौन सी पार्टियों के संदेश जनता के दिलों को किन क्षेत्रों में छू पाई हैं और कौन सा सामाजिक गठबंधन बनकर उभरा है।
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